माइक्रोसॉफ्ट ने डेवलपर्स के लिए एक नया AI कोड असिस्टेंट लॉन्च किया है जो कोड लिखते समय रीयल-टाइम में सुरक्षा खामियों की पहचान करेगा। यह सिस्टम GitHub Copilot और Visual Studio में इनबिल्ट रहेगा।
इसका मुख्य फोकस “सेफ कोडिंग” पर है। जब कोई डेवलपर कोड टाइप करता है, तो यह एआई मॉडल तुरंत जांच करता है कि कहीं SQL Injection, XSS या Authentication से जुड़ी गलती तो नहीं है।
माइक्रोसॉफ्ट ने इसे अपने Azure AI Security Layer के साथ जोड़ा है। इसका फायदा यह है कि कोड के साथ-साथ सुरक्षा ऑडिट भी स्वतः होता रहेगा।
AI कोड असिस्टेंट C#, Python, JavaScript और Java जैसी प्रमुख भाषाओं को सपोर्ट करता है। कंपनी का लक्ष्य है कि डेवलपर्स सुरक्षित और कुशल कोड बिना ज्यादा समय लगाए बना सकें।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आने वाले समय में सिक्योर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दिशा में बड़ी क्रांति साबित हो सकता है।
👉 निष्कर्ष: यह सिर्फ कोडिंग टूल नहीं, बल्कि डेवलपर्स का सुरक्षा सलाहकार है।