झारखंड कैबिनेट ने देसी ‘मांगुर मछली’ को आधिकारिक रूप से “राज्य मछली” घोषित कर दिया है।
यह फैसला न सिर्फ मत्स्यपालन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय पारंपरिक प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।
देसी मांगुर के फायदे:
- यह झारखंड की नदियों और तालाबों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है
- पोषण के लिहाज से बेहद संपन्न
- किसानों के लिए मत्स्य पालन में आसान और कम खर्चीली
- बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ती
- इससे हजारों ग्रामीण परिवारों को रोज़गार मिलता है
सरकार के अनुसार यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत करेगा।