देशभर में गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा।
दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को महिलाओं ने सोलह शृंगार कर पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद विधि-विधान से पूजा कर अपना व्रत पूरा किया।
करवा चौथ भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व पर बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। महिलाओं ने मेहंदी लगवाई और पूजा की तैयारियां कीं।
करवा चौथ का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।