नई दिल्ली/विक्टोरिया: भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय देश Seychelles की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में भाग लिया। इस दौरान भारतीय सेना और भारतीय नौसेना के जवानों ने भी परेड में हिस्सा लेकर दोनों देशों के बीच गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रदर्शन किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह सेशेल्स की राजधानी Victoria में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति को भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
समारोह के दौरान भारतीय सैन्य दलों ने अनुशासन और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन करते हुए परेड में हिस्सा लिया। भारतीय नौसेना लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। सेशेल्स भी इस क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भारत द्वारा वर्षों से प्रदान किए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भारत का योगदान सेशेल्स के विकास में महत्वपूर्ण रहा है।
भारत ने पिछले कई वर्षों में सेशेल्स को विभिन्न विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों और सुरक्षा सहयोग के माध्यम से सहायता प्रदान की है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। समुद्री निगरानी, तटरक्षक प्रशिक्षण और समुद्री डकैती रोकने जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति को और मजबूत करेगी। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समारोह के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। इनमें व्यापार, निवेश, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल थे। दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत और सेशेल्स ने भविष्य में भी आपसी सहयोग और साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया है।