राज्य में अवैध कोयला कारोबार लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में मिलाकर लगभग 40 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। झारखंड में ही 18 से अधिक जगहों पर तलाश अभियान चलाया गया।
इन छापेमारियों के दौरान
- बड़ी राशि में नकदी,
- कीमती सोने-चांदी के जेवर,
- कई महत्वपूर्ण दस्तावेज,
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डेटा
जब्त किए गए।
ईडी के अनुसार यह कार्रवाई कोयला तस्करी और मनी-लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई है। राज्य में कोयला अवैध उत्खनन से सरकारी राजस्व को हर साल भारी नुकसान होता रहा है। इससे जुड़े कई लोग राजनीति और व्यवसाय क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं, इसलिए यह छापेमारी राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।
लोगों का मानना है कि यदि यह कार्रवाई पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ती है, तो राज्य के कोयला क्षेत्रों में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ा अंकुश लग सकता है।