भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मार्गदर्शन में देश के कई प्रमुख बैंकों ने ब्लॉकचेन आधारित इंटर-बैंक पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की है। इस नई तकनीक के जरिए बैंकों के बीच होने वाले ट्रांजैक्शन अब सेकंड्स में पूरे हो सकेंगे।
अभी तक बैंकों के बीच ट्रांसफर में SWIFT या NEFT जैसी प्रणालियों का उपयोग होता है जिसमें कई घंटे या दिन लग जाते हैं। लेकिन ब्लॉकचेन पर आधारित यह नया नेटवर्क पारदर्शी, तेज़ और सुरक्षित है।
इस सिस्टम में सभी लेनदेन डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर पर रिकॉर्ड होंगे, जिससे किसी भी फर्जीवाड़े या डुप्लिकेट ट्रांजैक्शन की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
RBI के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि, “भारत फिनटेक क्रांति में अग्रणी बन रहा है। ब्लॉकचेन आधारित बैंकिंग से न केवल ट्रांजैक्शन तेज होंगे, बल्कि बैंकिंग पारदर्शिता भी बढ़ेगी।”
HDFC, SBI, और ICICI जैसे प्रमुख बैंकों ने इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। उम्मीद है कि 2026 तक यह सिस्टम सभी बैंकों में लागू होगा।
👉 निष्कर्ष: यह कदम भारत को डिजिटल ट्रांजैक्शन के अगले युग में ले जाएगा जहाँ बैंकिंग पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगी।