गूगल लेकर आया “प्रोजेक्ट हेलिक्स” – क्लाउड पर क्वांटम कंप्यूटिंग अब होगी आसान

गूगल ने अपने नए रिसर्च प्रोजेक्ट “Project Helix” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य है क्वांटम कंप्यूटिंग को क्लाउड सर्विसेज से जोड़ना। इस प्रोजेक्ट के जरिए डेवलपर्स अब क्वांटम एल्गोरिदम को गूगल क्लाउड पर टेस्ट और सिमुलेट कर सकेंगे — वह भी बिना किसी महंगे हार्डवेयर के।

क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य की तकनीक है, जो पारंपरिक कंप्यूटर की तुलना में हजारों गुना तेज गणना कर सकती है। लेकिन इसे चलाने के लिए महंगे क्वांटम प्रोसेसर और ठंडे वातावरण की जरूरत होती है। Helix इस बाधा को खत्म कर रहा है।

गूगल ने बताया कि यह प्लेटफ़ॉर्म TensorFlow Quantum और Cirq जैसे टूल्स के साथ इंटीग्रेटेड होगा। कंपनियां अब अपने मशीन लर्निंग मॉडल को क्वांटम सिमुलेशन के साथ ट्रैन कर पाएंगी।

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे दवा खोज, मौसम पूर्वानुमान, क्रिप्टोग्राफी और फाइनेंशियल मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

गूगल के क्वांटम प्रमुख हार्टमट नेवेन ने कहा, “Helix डेवलपर्स को क्वांटम की शक्ति से परिचित कराएगा, बिना प्रयोगशाला की सीमाओं के।”

👉 निष्कर्ष: यह कदम भविष्य की कंप्यूटिंग को आम डेवलपर्स की पहुंच में लाने का रास्ता खोलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *